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DGCA का बड़ा फैसला: सभी बोइंग विमानों में ईंधन स्विच लॉकिंग सिस्टम की जांच अनिवार्य
भारतीय विमानन नियामक संस्था डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने देश की सभी एयरलाइंस को निर्देश दिया है कि वे अपने बेड़े में शामिल बोइंग विमानों के इंजन फ्यूल कंट्रोल स्विच के लॉकिंग मैकेनिज्म की पूर्ण जांच करें। यह कदम हाल ही में हुए एक गंभीर विमान हादसे के बाद उठाया गया है, जिसमें एयर इंडिया के एक ड्रीमलाइनर विमान के दोनों इंजन उड़ान के दौरान अचानक बंद हो गए थे।
आदेश का कारण
DGCA का यह आदेश एक प्रीलिमिनरी हादसा जांच रिपोर्ट के सामने आने के बाद जारी किया गया है। 12 जून 2025 को एयर इंडिया की फ्लाइट AI171 ने अहमदाबाद से उड़ान भरी थी। यह विमान बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर (VT-ANB) मॉडल का था। टेकऑफ के कुछ ही मिनटों के भीतर विमान के दोनों इंजन अचानक बंद हो गए। रिपोर्ट में बताया गया कि विमान के फ्यूल कंट्रोल स्विच का संचालन गलती से "RUN" से "CUTOFF" की स्थिति में चला गया, जिससे दोनों इंजन बंद हो गए और विमान का नियंत्रण खो गया।
इस हादसे में जानमाल का भारी नुकसान हुआ, और इससे विमान की तकनीकी सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठे।
FAA की 2018 की चेतावनी
गौरतलब है कि अमेरिकी विमानन संस्था Federal Aviation Administration (FAA) ने दिसंबर 2018 में एक SAIB (Special Airworthiness Information Bulletin) जारी किया था, जिसमें बोइंग विमानों में फ्यूल कंट्रोल स्विच के लॉकिंग सिस्टम में ढील या खराबी की आशंका जताई गई थी। हालांकि उस समय FAA ने इसे केवल एक सलाह के रूप में जारी किया था, न कि अनिवार्य निर्देश के तौर पर। इस चेतावनी का उद्देश्य यह था कि यदि स्विच का लॉकिंग सिस्टम सही से काम न करे, तो गलती से इंजन बंद हो सकते हैं।
DGCA का सख्त निर्देश
DGCA ने अब इस सलाह को गंभीरता से लेते हुए इसे भारत में पंजीकृत सभी बोइंग विमानों के लिए अनिवार्य जांच के रूप में लागू कर दिया है। DGCA ने आदेश में स्पष्ट किया है कि सभी एयरलाइंस को अपने विमानों में SAIB NM-18-33 के तहत स्विच लॉकिंग मैकेनिज्म की विस्तृत जांच करनी होगी और इसकी रिपोर्ट 21 जुलाई 2025 तक जमा करनी होगी।
यह निर्देश बोइंग के निम्नलिखित विमानों पर लागू होगा:
Boeing 787, 737, 747, 757, 767, MD-11, और MD-90।
एयरलाइनों की प्रतिक्रिया
DGCA के इस आदेश के बाद प्रमुख भारतीय एयरलाइनों ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी है। Air India, IndiGo, SpiceJet, Akasa Air जैसी कंपनियों ने अपने बेड़े में जांच शुरू कर दी है। इसके अलावा Etihad Airways और Singapore Airlines जैसे अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस ने भी भारत आने वाले अपने विमानों की जांच सुनिश्चित की है।
एयरलाइंस सूत्रों के अनुसार, यह जांच विशेष रूप से उन विमानों पर केंद्रित होगी जिनमें लंबे समय से फ्यूल स्विच सिस्टम की मरम्मत या अद्यतन नहीं की गई है। DGCA इन रिपोर्टों के आधार पर आगे की कार्रवाई और जरूरी सुधार निर्देश जारी कर सकती है।
DGCA का यह निर्णय भारतीय विमानन प्रणाली की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। एयर इंडिया हादसे की शुरुआती जांच ने यह स्पष्ट कर दिया है कि तकनीकी छोटी-सी चूक भी कितनी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। FAA की पुरानी चेतावनी को भारत में अनदेखा नहीं किया गया और DGCA ने उसे समय रहते गंभीरता से लेकर सुरक्षा को प्राथमिकता दी।
इस फैसले से ना सिर्फ यात्रियों की सुरक्षा बढ़ेगी बल्कि विमानन कंपनियों को भी अपने रखरखाव मानकों को और बेहतर करने का अवसर मिलेगा।
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