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अयोध्या में तैयार हुआ दुनिया का पहला रामायण वैक्स म्यूजियम जो दीपोत्सव पर सीएम योगी करेंगे उद्घाटन
राम नगरी अयोध्या एक और ऐतिहासिक उपलब्धि की साक्षी बनने जा रही है। भव्य राम मंदिर के निर्माण के बाद अब यहां दुनिया का पहला रामायण थीम्ड वैक्स म्यूजियम बनकर तैयार हो गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दीपोत्सव समारोह के दौरान इस अनूठे संग्रहालय का उद्घाटन करेंगे जो भक्तों और पर्यटकों दोनों के लिए एक अद्भुत आकर्षण बनने जा रहा है।
चौदह कोसी परिक्रमा मार्ग पर काशीराम कॉलोनी के सामने स्थित यह म्यूजियम न केवल आस्था का नया केंद्र बनेगा बल्कि अयोध्या को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर एक नई पहचान भी दिलाएगा। यह परियोजना योगी सरकार के उस दृष्टिकोण का हिस्सा है जो अयोध्या को विश्वस्तरीय धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित करना चाहता है।
भव्य निर्माण और तकनीकी विशेषताएं
लगभग दस हजार वर्ग फीट क्षेत्र में फैले इस पूर्णतः वातानुकूलित म्यूजियम के निर्माण में छह करोड़ रुपये से अधिक की लागत आई है। यह दो मंजिला भवन साउथ इंडियन वास्तु शैली में निर्मित किया गया है जो दक्षिण भारत की पारंपरिक स्थापत्य कला का सुंदर संगम प्रस्तुत करता है।
म्यूजियम में एक साथ सौ लोगों को प्रवेश की अनुमति होगी। जैसे ही दर्शक अंदर प्रवेश करेंगे त्रेता युग की महक और राम धुन की मधुर ध्वनि से पूरा वातावरण भर जाएगा। हर कोने में लगे स्पीकर से निरंतर राम तारक मंत्र और भक्ति भजनों की धुन बजेगी जो मन को शांति और भक्ति से भर देगी।
म्यूजियम के अंदर तापमान बाईस डिग्री सेल्सियस पर नियंत्रित रखा जाएगा ताकि मोम की मूर्तियां सुरक्षित रहें और दर्शकों को आरामदायक अनुभव मिले। सुरक्षा के लिए पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरे और फायर सेफ्टी सिस्टम लगाए गए हैं।
जीवंत वैक्स प्रतिमाएं और रामायण के दृश्य
इस अद्भुत संग्रहालय में रामायण के पचास प्रमुख पात्रों की जीवंत मोम की प्रतिमाएं प्रदर्शित होंगी। इनमें भगवान श्री राम माता सीता लक्ष्मण हनुमान दशरथ भरत रावण विभीषण सुग्रीव जटायु सुशेण वैद्य महर्षि वाल्मीकि सहित सभी महत्वपूर्ण चरित्र शामिल हैं।
ग्राउंड फ्लोर पर रामलला के बाल रूप से लेकर धनुष भंग और सीता स्वयंवर तक की घटनाओं को चित्रित किया गया है। पहले तल पर वनवास के दौरान के प्रसंग सीता हरण लंका दहन और राम रावण युद्ध के भव्य दृश्य प्रदर्शित किए गए हैं।
हनुमान जी की लंका दहन वाली मूर्ति में आग के प्रभाव जैसी विशेष लाइटिंग की गई है जो देखने में अत्यंत रोमांचक है। हर प्रतिमा के लिए अलग अलग प्रकाश व्यवस्था की गई है जो तीन डी प्रभाव उत्पन्न करती है और दर्शकों को ऐसा अनुभव कराती है मानो वे स्वयं त्रेता युग में उपस्थित हों।
केरल की विशेषज्ञ कंपनी का योगदान
इस म्यूजियम का निर्माण केरल की प्रसिद्ध सुनील वैक्स म्यूजियम कंपनी ने किया है जो भारत में वैक्स मूर्तियां बनाने के क्षेत्र में अग्रणी है। सुनील कंडल्लूर जो मुंबई स्थित कलाकार हैं वैक्स फिगर बनाने में विशेषज्ञता रखते हैं और उन्होंने नरेंद्र मोदी सचिन तेंदुलकर शरद पवार अन्ना हजारे बाल ठाकरे रजनीकांत और एम जी रामचंद्रन जैसी हस्तियों की जीवन आकार की मूर्तियां बनाई हैं।
महाराष्ट्र आधारित संगठन और केरल के विशेषज्ञों के सहयोग से प्रत्येक प्रतिमा को अत्यंत सावधानी से तैयार किया गया है। हर मूर्ति के चेहरे के भाव पारंपरिक वेशभूषा और ऐतिहासिक प्रामाणिकता पर विशेष ध्यान दिया गया है ताकि वे पूर्णतः जीवंत दिखें।
आधुनिक तकनीक और इंटरैक्टिव अनुभव
म्यूजियम में केवल मूर्तियों का प्रदर्शन नहीं है बल्कि आधुनिक तकनीक का उपयोग करके रामायण की कहानी को जीवंत बनाया गया है। ऑडियो विजुअल इफेक्ट्स और इंटरैक्टिव डिस्प्ले का उपयोग किया गया है जो विशेष रूप से बच्चों और युवाओं को आकर्षित करेगा।
राम सेतु के निर्माण को वैक्स कला और आधुनिक तकनीक के मिश्रण से पुनर्निर्मित किया गया है। प्रोजेक्शन मैपिंग लेजर इफेक्ट्स संगीत और कहानी कहने की कला को मिलाकर एक अद्भुत अनुभव तैयार किया गया है जो दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देता है।
म्यूजियम की यात्रा केवल मूर्तियों को देखना नहीं है बल्कि एक भावनात्मक यात्रा है जहां रामायण की गाथा को आधुनिक तकनीक और भक्ति भावना के संगम से प्रस्तुत किया गया है।
पीपीपी मॉडल पर विकसित परियोजना
यह परियोजना पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत विकसित की गई है जो अमानीगंज में भूल भुलैया परियोजना के समान है। अयोध्या नगर निगम आयुक्त जयेंद्र कुमार ने बताया कि म्यूजियम का निर्माण तेजी से चल रहा है और समय पर पूरा करने के लिए इसकी बारीकी से निगरानी की जा रही है।
म्यूजियम की आय का बारह प्रतिशत हिस्सा नगर निगम को जाएगा। प्रवेश के लिए सौ रुपये का शुल्क निर्धारित किया जाएगा जो आम लोगों के लिए सुलभ है।
म्यूजियम के बाहर आगंतुकों की सुविधा के लिए पार्किंग कॉफी हाउस और स्नैक्स जोन की व्यवस्था की गई है। यह सुविधाएं पर्यटकों को आरामदायक और सुखद अनुभव प्रदान करेंगी।
दीपोत्सव के दौरान भव्य उद्घाटन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नौवें दीपोत्सव समारोह में इस म्यूजियम का लोकार्पण होने की प्रबल संभावना है। दीपोत्सव उन्नीस अक्टूबर को मनाया जाएगा जब पूरी अयोध्या छब्बीस लाख से अधिक दीपों से जगमगाएगी।
इस वर्ष का दीपोत्सव अठारह से बीस अक्टूबर तक मनाया जाएगा और मुख्य समारोह उन्नीस अक्टूबर को होगा। सरयू नदी के छप्पन घाटों पर रिकॉर्ड संख्या में दीपक जलाए जाएंगे और गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का प्रयास किया जाएगा।
दीपोत्सव की भव्यता के बीच सीएम योगी जनता को इस अनमोल उपहार को समर्पित करेंगे। यह म्यूजियम दीपोत्सव के आकर्षण को और बढ़ाएगा और अयोध्या आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को एक अविस्मरणीय अनुभव प्रदान करेगा।

सांस्कृतिक पर्यटन का नया आयाम
मंडलायुक्त राजेश कुमार ने कहा कि यह वैक्स म्यूजियम अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत को एक नया आयाम देगा और भक्तों तथा पर्यटकों को रामायण महाकाव्य का एक गहन अनुभव प्रदान करेगा। यह संग्रहालय केवल धार्मिक स्थल के रूप में अयोध्या की अपील को मजबूत नहीं करेगा बल्कि विश्व मंच पर रामायण के मूल्यों और भारतीय संस्कृति को भी प्रस्तुत करेगा।
योगी आदित्यनाथ सरकार ने अयोध्या को वैश्विक पर्यटन और सांस्कृतिक हॉटस्पॉट के रूप में स्थापित करने के लिए कई महत्वाकांक्षी परियोजनाएं शुरू की हैं। श्री राम जन्मभूमि मंदिर के निर्माण के बाद शहर में आने वाले भक्तों और पर्यटकों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है।
इसके साथ ही सड़कों का विस्तारीकरण सरयू घाटों का सौंदर्यीकरण और विरासत बुनियादी ढांचे के उन्नयन जैसे कई अन्य कार्य भी चल रहे हैं। ये सभी प्रयास अयोध्या को एक विश्वस्तरीय धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र बनाने की दिशा में हैं।
पर्यटन और रोजगार के अवसर
इस म्यूजियम से न केवल अयोध्या के पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। म्यूजियम के संचालन रखरखाव और पर्यटक सेवाओं में कई लोगों को रोजगार मिलेगा।
राम मंदिर के बाद अयोध्या में पर्यटकों की संख्या में जबरदस्त वृद्धि हुई है। यह वैक्स म्यूजियम एक और आकर्षण जोड़ेगा जो पर्यटकों को अयोध्या में अधिक समय बिताने के लिए प्रोत्साहित करेगा। इससे स्थानीय व्यवसायों होटल उद्योग और हस्तशिल्प क्षेत्र को भी लाभ होगा।
अधिकारियों का मानना है कि यह म्यूजियम अयोध्या को मैडम तुसाद जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के संग्रहालयों की श्रेणी में ला खड़ा करेगा। यह भारत का पहला रामायण थीम्ड वैक्स म्यूजियम होने के नाते अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को भी आकर्षित करेगा जो भारतीय संस्कृति और धार्मिक विरासत में रुचि रखते हैं।
दीपोत्सव की अन्य आकर्षक योजनाएं
दीपोत्सव के दौरान म्यूजियम के उद्घाटन के अलावा कई अन्य आकर्षक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। एक हजार सौ स्वदेशी ड्रोन का उपयोग करके कोरियोग्राफ्ड म्यूजिकल ड्रोन शो और थ्री डी होलोग्राफिक म्यूजिकल लेजर शो प्रस्तुत किए जाएंगे।
ड्रोन शो में आकाश में रामायण के विभिन्न प्रसंगों की झलकियां प्रस्तुत की जाएंगी जो दिव्य दृश्य उत्पन्न करेंगी। त्रेता युग से नव अयोध्या की प्रतीकात्मक झांकी भी दिखाई जाएगी जो अयोध्या के प्राचीन गौरव और आधुनिक विकास को दर्शाएगी।
दो हजार से अधिक कलाकार देश भर से आकर अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। अवधी और भोजपुरी भजन व लोक संगीत की प्रस्तुतियां श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध करेंगी। बाईस भव्य झांकियां भी शोभायात्रा का हिस्सा होंगी।
राम की पैड़ी पर पैंतालीस मिनट का भव्य शो प्रोजेक्शन मैपिंग लेजर इफेक्ट्स आतिशबाजी संगीत और कहानी कहने के माध्यम से भगवान राम की कहानी को नाटकीय रूप से प्रस्तुत करेगा। इसमें सौ से अधिक कलाकार भाग लेंगे।
आस्था और आधुनिकता का संगम
यह रामायण वैक्स म्यूजियम केवल मूर्तियों का प्रदर्शन स्थल नहीं है बल्कि आस्था और आधुनिकता का एक अनूठा संगम है। यहां रामायण की गाथा को आधुनिक तकनीक और भक्ति भावना के माध्यम से जीवंत किया गया है।
त्रेता युग के आदर्शों भक्ति और मर्यादा को जीवंत करने वाला यह म्यूजियम आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा का केंद्र बनेगा। यह युवा पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने और रामायण के मूल्यों को समझने का एक प्रभावी माध्यम साबित होगा।
दीपोत्सव पर जब पूरी अयोध्या दीपों से आलोकित होगी तब यह म्यूजियम उस भव्यता को और बढ़ाएगा। यह अयोध्या के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को विश्व मंच पर स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दृष्टिकोण और प्रयासों से अयोध्या अब केवल एक तीर्थ स्थल नहीं रही बल्कि एक विश्वस्तरीय पर्यटन और सांस्कृतिक गंतव्य बनती जा रही है। रामायण वैक्स म्यूजियम इस यात्रा में एक और महत्वपूर्ण पड़ाव है जो अयोध्या को वैश्विक मानचित्र पर नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
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