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1. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-Kisan)
यह योजना 2019 में शुरू की गई थी और इसका उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक मदद देना है।
किसानों को हर साल ₹6,000 की राशि दी जाती है।
यह राशि तीन किस्तों में सीधे DBT (Direct Benefit Transfer) के ज़रिए बैंक खाते में पहुँचती है।
इससे किसान बीज, खाद, कीटनाशक और अन्य खेती से जुड़ी ज़रूरी जरूरतों को पूरा कर सकते हैं।
अब तक करोड़ों किसान इस योजना का लाभ ले चुके हैं।
PM-Kisan आधिकारिक वेबसाइट देखें
2. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY)
खेती हमेशा जोखिम से जुड़ी होती है। सूखा, बाढ़, ओलावृष्टि और कीट हमलों से किसानों की मेहनत एक झटके में नष्ट हो जाती है। ऐसे में यह योजना किसानों की सुरक्षा कवच है।
किसानों को न्यूनतम प्रीमियम पर फसल बीमा उपलब्ध कराया जाता है।
नुकसान की स्थिति में बीमा दावा सीधे बैंक खाते में जमा होता है।
इससे किसान कर्ज़ में डूबने से बच जाते हैं और दोबारा खेती करने का साहस पाते हैं।
3. परम्परागत कृषि विकास योजना (PKVY)
आज के समय में जैविक खेती (ऑर्गेनिक फार्मिंग) की मांग तेजी से बढ़ रही है। PKVY योजना इसी दिशा में किसानों को प्रोत्साहित करती है।
किसानों को ऑर्गेनिक खेती का प्रशिक्षण दिया जाता है।
समूह आधारित खेती (क्लस्टर फार्मिंग) को बढ़ावा मिलता है।
वित्तीय सहायता और सर्टिफिकेशन की सुविधा दी जाती है।
इससे किसानों को बेहतर दाम और अंतरराष्ट्रीय बाज़ार तक पहुँच मिलती है।
4. राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY)
यह योजना राज्यों को कृषि क्षेत्र में नवाचार और सुधार के लिए सहयोग देती है।
सिंचाई, आधुनिक तकनीक और कृषि आधारभूत ढाँचे पर ज़ोर दिया जाता है।
हर राज्य अपनी स्थानीय ज़रूरतों के अनुसार योजनाओं का उपयोग कर सकता है।
इससे उत्पादन क्षमता और किसानों की आय दोनों में वृद्धि होती है।
5. प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY)
"हर खेत को पानी" इस योजना का मुख्य नारा है।
किसानों को ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी आधुनिक सिंचाई तकनीक पर सब्सिडी दी जाती है।
पानी की बचत होती है और फसल की पैदावार बढ़ती है।
खेतों तक नहर और पाइपलाइन जैसी सुविधाएँ भी पहुँचाई जाती हैं।
6. किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना
कई बार किसानों को समय पर कर्ज़ न मिलने से खेती में दिक्कत आती है। KCC योजना इसी समस्या का समाधान है।
किसानों को आसानी से अल्पावधि ऋण मिलता है।
ब्याज दर पर सब्सिडी दी जाती है।
बीज, खाद, कीटनाशक और कृषि उपकरण खरीदने में राशि का उपयोग किया जा सकता है।
किसानों को पैसे की कमी के कारण खेती रोकनी नहीं पड़ती।
👉 KCC आधिकारिक जानकारी
7. राष्ट्रीय कृषि बाज़ार (e-NAM) योजना
किसानों को उनकी उपज का सही दाम मिल सके, इसके लिए सरकार ने e-NAM पोर्टल शुरू किया है।
यह एक ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म है।
किसान सीधे खरीदारों और व्यापारियों को अपनी उपज बेच सकते हैं।
बिचौलियों की भूमिका कम होती है और पारदर्शिता बढ़ती है।
किसान अपनी फसल का दाम खुद तय करने में सक्षम बनते हैं।
👉 e-NAM पोर्टल देखें
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